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बजट 2026-27: पटना में बनेगा शिप रिपेयर सेंटर, गंगा जलमार्ग और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार
- Reporter 12
- 02 Feb, 2026
पटना: केंद्रीय बजट 2026-27 में बिहार के लिए की गई अहम घोषणाओं में पटना में शिप रिपेयर सेंटर की स्थापना को एक बड़ा कदम माना जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण में की गई इस घोषणा से बिहार में जलमार्ग आधारित परिवहन, उद्योग और रोजगार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।जानकारी के मुताबिक शिप रिपेयर सेंटर का निर्माण पटना के दीघा क्षेत्र में जेपी सेतु और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के बीच किया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 300 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के अनुसार निर्माण कार्य अप्रैल महीने से शुरू किया जा सकता है।शिप रिपेयर सेंटर को लगभग 5 एकड़ भूमि में विकसित करने की योजना है, जहां एक साथ कई छोटे और बड़े जहाजों की मरम्मत की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके साथ ही माल के भंडारण के लिए आधुनिक गोदामों का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे गंगा जलमार्ग के जरिए कार्गो ढुलाई को बढ़ावा मिलेगा।पटना में पहले से ही जलमार्ग से जुड़ा आधारभूत ढांचा तेजी से मजबूत हो रहा है। गायघाट पर हाई-लो लेवल जेटी, गोदाम और अन्य सुविधाएं विकसित की जा चुकी हैं। इसके अलावा सात कॉमर्शियल घाटों पर निर्माण कार्य जारी है और अन्य घाटों को भी जलमार्ग नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी की जा रही है।शिप रिपेयर सेंटर के निर्माण से बिहार में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। युवाओं को जहाज मरम्मत, मरीन इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण मिलने की संभावना है। इसके साथ ही स्पेयर पार्ट्स, होटल, ढाबा और अन्य सहायक व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा।अभी तक जहाजों की मरम्मत के लिए उन्हें कोलकाता या वाराणसी भेजना पड़ता था, जिससे समय और लागत दोनों बढ़ जाती थी। पटना में शिप रिपेयर सेंटर बनने से यह समस्या दूर होगी और परिवहन खर्च में भी कमी आएगी। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और बिहार में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिल सकेगी।सरकार का लक्ष्य है कि शिप रिपेयर सेंटर को वर्ष 2027 तक बनाकर तैयार कर लिया जाए। बजट भाषण में पटना के साथ-साथ वाराणसी में भी शिप रिपेयर सेंटर के निर्माण की घोषणा की गई है, जिससे गंगा जलमार्ग को एक मजबूत लॉजिस्टिक और औद्योगिक कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की दिशा साफ नजर आती है।कुल मिलाकर पटना में शिप रिपेयर सेंटर की स्थापना बिहार के लिए दीर्घकालिक विकास, रोजगार सृजन और जलमार्ग आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला कदम साबित हो सकती है।
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